by निर्वाणधाम | Dec 5, 2025 | ज्ञानमार्ग — मनन प्रश्नोत्तर, मनन
⭐ मनन-उत्तर (प्रश्न ३): सत्य क्यों नहीं जाना जा सकता? प्रस्तावना सत्य को जानने की इच्छा जन्मजात है, पर ज्ञानमार्ग में सबसे पहले यह स्पष्ट करना आवश्यक होता है कि—क्या सत्य कभी “जाना” जा सकता है?आपका मनन उसी मूल बिंदु को पकड़ता है:जो भी जाना जाता है, वह अनुभव होता है;और...
by निर्वाणधाम | Dec 5, 2025 | ज्ञानमार्ग — मनन प्रश्नोत्तर, मनन
⭐ मनन–उत्तर (प्रश्न २): प्रमाण क्या है और क्यों आवश्यक है? प्रस्तावना ज्ञानमार्ग में “प्रमाण” का अर्थ है—जो किसी बात की सत्यता को मेरे स्वयं के अनुभव और तर्क से स्थापित करे।बिना प्रमाण के जो भी स्वीकार किया जाता है, वह केवल मान्यता या अन्य का ग्यान है,जो मेरे लिए...
by निर्वाणधाम | Dec 5, 2025 | ज्ञानमार्ग — मनन प्रश्नोत्तर, मनन
⭐ मनन-उत्तर (प्रश्न १): ज्ञानमार्ग दुःख से मुक्ति कैसे दिलाता है? ज्ञानमार्ग की दृष्टि से दुःख कोई वस्तु नहीं है;यह केवल अनुभव है — और हर अनुभव की तरह अनित्य और परिवर्तनशील। दुःख का अनुभव होता है, जैसे सुख का होता है।दोनों का स्वरूप बदलता रहता है।पर जो नहीं बदलता — वह...
by निर्वाणधाम | Dec 4, 2025 | मनन
🌼 मनन – साधक के लिए एक अपरिहार्य कला (गुरुदेव तरुण प्रधान जी की शिक्षाओं पर आधारित — निर्वाणधाम द्वारा संकलित) मनन एक सामान्य मानसिक क्रिया नहीं है।यह एक अध्यात्मिक कला है — वह कला जिसके बिना ज्ञान कभी पुष्ट नहीं होता, और साधक कभी दृढ़ नहीं बनता। श्रवण के बाद साधक को...
by निर्वाणधाम | Dec 2, 2025 | अद्वैत
ब्रह्मज्ञान — ज्ञानमार्ग (गुरुदेव तरुण प्रधान जी को समर्पित ) १. अनुभवक्रिया परिभाषाअस्तित्व का प्रकट रूप अनुभव है।अप्रकट रूप में वही अस्तित्व अनुभवकर्ता है।अनुभव और अनुभवकर्ता — अस्तित्व के दो आयाम हैं। विस्तारसम्पूर्ण अस्तित्व अभी सामने अनुभव रूप में है — जगत,...