आत्म-स्मृति कोई यात्रा नहीं, बल्कि एक सूक्ष्म ‘विधि’ है जो हमें अज…
आत्म-स्मृति: चित्त के प्रतिरूपों से ब्रह्म-विलयन का एक अपरोक्ष विवेचन
Read More
आत्म-स्मृति कोई यात्रा नहीं, बल्कि एक सूक्ष्म ‘विधि’ है जो हमें अज…
चेतना और चैतन्य — एक आध्यात्मिक व्याख्या गुरु आदिसत्व जी की वाणी से प्रस्तावना आज का विषय है — चेतना और चैतन्य।इन दोनों शब्दों का प्रयोग सभी आध्यात्मिक मार्गों में होता...
कुंडलिनी ऊर्जा की वास्तविक यात्रा — आदिसत्व जी का चिंतन प्रस्तावना कुंडलिनी शब्द सुनते ही मन में रहस्यमयी शक्ति, अचानक उठने वाली ऊर्जा, चमत्कारिक अनुभव और कई तरह की...