पुस्तक के बारे में
माया को बोझ नहीं, मुस्कुराते हुए देखने की अद्वैत यात्रा। यह पुस्तक हँसी, हल्केपन और मौन के माध्यम से दिखाती है कि जो खेल दिख रहा है, वही जागरण का द्वार भी बन सकता है।
पुस्तक के बारे में
माया को बोझ नहीं, मुस्कुराते हुए देखने की अद्वैत यात्रा। यह पुस्तक हँसी, हल्केपन और मौन के माध्यम से दिखाती है कि जो खेल दिख रहा है, वही जागरण का द्वार भी बन सकता है।